मणिपुर की अशांति पर निशिकांत दुबे का कांग्रेस पर हमला
नई दिल्ली। संसद में जारी गतिरोध और झारखंड में जेपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष की आलोचना की है। उन्होंने मणिपुर और नागालैंड में अशांति का मुद्दा भी उठाया और इसके लिए कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने 11 अगस्त को ‘आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट, 1958’ लागू किया था। इसके बाद हालात कुछ शांत हुए और 1987 में राजीव गांधी ने बर्मा के साथ समझौता किया। आज मणिपुर और नागालैंड अशांत हैं और मिजोरम की स्थिति को लेकर भी सवाल हैं। उन्होंने पूछा कि इन सभी समस्याओं के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने इसके लिए कांग्रेस पार्टी के साथ नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को जिम्मेदार बताया।
झारखंड सरकार के कुछ मंत्रियों ने प्रदेश में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के पीछे भाजपा का हाथ होने के आरोप लगाए हैं। इस पर दुबे ने सवाल किया कि क्या हर चीज के पीछे भाजपा को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन हुआ था, तब भाजपा ने यह नहीं कहा था कि उसके पीछे कांग्रेस या आम आदमी पार्टी का हाथ है।
निशिकांत दुबे ने कहा कि भाजपा झारखंड के छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रही है और चाहती है कि जेपीएससी में अनियमितताओं की सीबीआई जांच हो। उन्होंने कहा कि अब इस्तीफा भी हुआ है। भाजपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस, जेएमएम और राजद ने झारखंड के छात्रों के साथ अन्याय किया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि इस मामले की सीबीआई जांच हो और जांच होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। जेपीएससी के सदस्य जेएमएम से जुड़े हैं और कांग्रेस कार्यकर्ता हैं। उनके मुताबिक, अंततः कुछ लोगों को इस्तीफा देना पड़ा। यदि भाजपा के बयान गलत थे, तो फिर इस्तीफा क्यों हुआ?
निशिकांत दुबे ने विपक्ष पर लोकतंत्र में भरोसा नहीं करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस को देश की कई समस्याओं की जड़ बताया। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त 1954 को फिजो ने नागा आर्मी बनाई थी।
भाजपा सांसद ने कहा कि इसकी वजह यह थी कि नेहरू ने बर्मा के यूएनयू के साथ सीमा समझौता किया था, जिससे नागा जमीन बंट गई थी। उन्होंने कहा कि 1987 में राजीव गांधी ने बर्मा के साथ सीमा समझौता किया और आज नागालैंड तथा मणिपुर में अशांति है।
संसद में जारी गतिरोध को लेकर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्ष पर जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि विपक्ष किस तरह हंगामा कर रहा है। उन्होंने झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव वहां नहीं जा रहे हैं, जबकि यहां सदन को चलने नहीं दिया जा रहा है।
जगदंबिका पाल ने कहा कि एफसीआरए, परिसीमन और महिलाओं के आरक्षण जैसे मुद्दों पर सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने पूरे मानसून सत्र के बर्बाद होने के लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि देश की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी, क्योंकि उन्हें लोगों से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए चुना गया है, न कि हंगामा करने के लिए।
वहीं, भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने भी संसद में विपक्ष के रवैये को अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का ऐसा व्यवहार देश के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब अमित शाह जवाब दें, तो विपक्ष को उनका जवाब सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए।