मोदी के नाम नया रिकॉर्ड, कैबिनेट ने खड़े होकर दी बधाई
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को उन्हें विशेष रूप से बधाई दी। कैबिनेट बैठक में इस ऐतिहासिक उपलब्धि के सम्मान में एक प्रस्ताव पारित किया गया और सभी मंत्रियों ने खड़े होकर तालियां बजाकर प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार के प्रमुख के रूप में 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल के साथ उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस तुलना में नेहरू के 1952 के बाद के निर्वाचित कार्यकाल को आधार माना गया है, क्योंकि स्वतंत्रता के बाद शुरुआती वर्षों में उन्होंने अंतरिम सरकार का नेतृत्व किया था।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। नरेंद्र मोदी ने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 में दोबारा जनादेश हासिल किया और 2024 में लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर अपने राजनीतिक सफर में नया अध्याय जोड़ा।
हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कुल कार्यकाल 14 वर्षों से अधिक रहा था, लेकिन वह लगातार नहीं था। इसी कारण नरेंद्र मोदी अब देश के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में दर्ज हो गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में कई बड़े बुनियादी ढांचा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट शुरू किए गए। इनमें नया संसद भवन, सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना, कर्तव्य पथ, वंदे भारत ट्रेनें, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत, कश्मीर रेल लिंक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नमो भारत आरआरटीएस और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं।
इसी उपलब्धि और केंद्र में एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की जा रही है। भारत मंडपम में होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा के वरिष्ठ नेता, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तथा सहयोगी दलों के प्रमुख नेता शामिल होंगे।
सूत्रों के अनुसार बैठक में प्रधानमंत्री मोदी को उनकी रिकॉर्ड उपलब्धि पर औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही गठबंधन सरकार की उपलब्धियों, आगामी नीतिगत प्राथमिकताओं और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी।
बैठक में शासन, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति और आने वाले चुनावी चुनौतियों को लेकर भी मंथन होने की संभावना है। एनडीए नेतृत्व इसे आगामी वर्षों के लिए साझा विजन और रणनीति तय करने के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रहा है।