राजस्थान स्टेट इनोवेशन हब को चुनिंदा क्षेत्रों में उत्कृष्टता का केन्द्र बनाएं- मुख्य सचिव
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रस्तावित राजस्थान स्टेट इनोवेशन हब भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। उन्होंने कहा कि हब की रूपरेखा तैयार करते समय राजस्थान की मौजूदा क्षमताओं और मजबूत चुनिंदा क्षेत्रों जैसे कृषि अभियांत्रिकी, टेक्सटाइल, हैंड प्रिंटिंग, मेम्ब्रेन टेक्नोलॉजी पर विशेष फोकस किया जाए। इसके लिए देश के सफल इनोवेशन मॉडल का अध्ययन कर प्रतिष्ठित शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों तथा नवाचार के क्षेत्र में काम कर रहे विशेषज्ञों से भी सुझाव लिए जाएं। मुख्य सचिव ने बुधवार को शासन सचिवालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा गत 11 मई, 2026 को की गई स्टेट इनोवेशन हब की घोषणा के क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए। बैठक में प्रताप नगर स्थित कोचिंग हब इंस्टीट्यूशनल कॉम्प्लेक्स में स्टेट इनोवेशन हब की स्थापना के प्रस्ताव तथा इसके स्वरूप पर विस्तृत चर्चा की गई। श्रीनिवास ने कहा कि राज्य में 'iStart' ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब स्टेट इनोवेशन हब को इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए ऐसा मंच बनाया जाए, जहां नए विचारों को प्रोत्साहन मिलने के साथ उन्हें व्यावहारिक रूप देने के लिए आवश्यक सहयोग भी उपलब्ध हो। राज्य सरकार का 'iStart' कार्यक्रम स्टार्टअप, निवेशक, इनक्यूबेटर, एक्सेलरेटर और मेंटर्स को एक साझा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है। मुख्य सचिव ने प्रस्तावित हब में स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, प्रदर्शनी हॉल तथा क्षमता निर्माण कार्यशालाओं के लिए आवश्यक सुविधाओं को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हब केवल भवन या बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं रहे, बल्कि नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और उद्योगों की जरूरतों को जोड़ने वाला प्रभावी मंच बने। उन्होंने अधिकारियों को आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क जैसे सफल मॉडलों का अध्ययन करने तथा उनके उपयोगी पहलुओं को राजस्थान की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। साथ ही बिट्स पिलानी, एमएनआईटी और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों, नवाचार के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों और विचारकों से परामर्श कर परियोजना की रूपरेखा को और मजबूत बनाने को कहा। मुख्य सचिव ने वित्त विभाग को परियोजना के वित्तीय पहलुओं का विस्तृत परीक्षण करने के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप स्टेट इनोवेशन हब को किस स्वरूप में और कहां विकसित किया जाए, इसका सभी पहलुओं से अध्ययन कर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग आलोक गुप्ता, शासन सचिव एवं आयुक्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग डॉ.आरूषी अजेय मलिक, वित्त विभाग तथा राजस्थान आवासन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।