G7 का बड़ा फैसला, 100 मिलियन बैरल तेल-डीजल होगा जारी
नई दिल्ली। बढ़ती ऊर्जा कीमतों और डीजल की तंग आपूर्ति के बीच जी7 देशों और उनके साझेदारों ने आपातकालीन भंडार से 100 मिलियन बैरल तेल एवं ईंधन जारी करने का फैसला किया है। यह आपूर्ति इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के समन्वय में तत्काल शुरू होगी और अगले चार महीनों तक जारी रहेगी। योजना के तहत शुरुआती 20 दिनों में डीजल की बड़ी मात्रा बाजार में उतारी जाएगी।
यह फैसला फ्रांस की अध्यक्षता में जी7 नेताओं की बैठक के बाद लिया गया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ऊर्जा कीमतों पर दबाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया। जी7 के संयुक्त बयान में कहा गया है कि पहले से किए गए कुछ प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए 100 मिलियन बैरल की समन्वित रिलीज की जाएगी।
डीजल पर खास फोकस
जी7 की योजना में डीजल को प्राथमिकता दी गई है। आधिकारिक बयान के मुताबिक पहले 20 दिनों में डीजल की पर्याप्त मात्रा जारी की जाएगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार अतिरिक्त डीजल रिलीज पर भी चर्चा होगी। आईईए इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी और समन्वय करेगा।
आईईए के अनुसार मार्च में घोषित 400 मिलियन बैरल की सामूहिक आपूर्ति कार्रवाई के तहत करीब 325 मिलियन बैरल अब तक जारी किए जा चुके हैं। इसका मतलब है कि नई घोषणा में पहले से की गई प्रतिबद्धताओं के कुछ हिस्से भी शामिल हैं, इसलिए इसे पूरी तरह एक अतिरिक्त 100 मिलियन बैरल के रूप में देखना सही नहीं होगा।
अमेरिका के डीजल निर्यात प्रतिबंध का भी मुद्दा
यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच डीजल आपूर्ति को लेकर दबाव बढ़ा था। अमेरिकी प्रशासन ने यूरोपीय देशों से अपने आपातकालीन डीजल भंडार जारी करने की मांग की थी और डीजल निर्यात पर संभावित प्रतिबंध की बात भी सामने आई थी। जी7 ने अपने बयान में ऊर्जा और ऊर्जा उत्पादों पर आपसी निर्यात प्रतिबंध नहीं लगाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
यूरोप डीजल की आपूर्ति के लिए आयात पर काफी निर्भर रहता है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर रिफाइनिंग क्षमता और ईंधन आपूर्ति में व्यवधान के बीच डीजल बाजार पर दबाव बना हुआ है। आईईए ने भी मौजूदा स्थिति में खास तौर पर डीजल बाजार को लेकर चिंता जताई है।
तेल कीमतों पर तुरंत बड़ा असर नहीं
G7 की घोषणा के बाद तेल बाजार में शुरुआती नरमी जरूर देखी गई, लेकिन कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहा। रिपोर्टों के अनुसार ब्रेंट क्रूड बाद में करीब 102 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि आपातकालीन भंडार से आपूर्ति बढ़ाने के बावजूद वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भू-राजनीतिक और आपूर्ति संबंधी दबाव कायम हैं।
जी7 ने आईईए से इन उपायों के प्रभाव की निगरानी करने और 20 दिनों के भीतर आगे की कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट देने को भी कहा है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त डीजल रिलीज के विकल्प पर आगे चर्चा की जाएगी।