खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की बड़ी कार्रवाई जयपुर में बिना लाइसेंस दवा कारोबार पर की कार्रवाई
जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देश पर प्रदेश में अवैध एवं अनधिकृत औषधि कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने जयपुर में बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने चित्रकूट स्थित एक गोदाम में बिना वैध लाइसेंस दवाओं के भंडारण एवं विक्रय की गतिविधियां पाए जाने पर लगभग 1.40 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध औषधियां जब्त की हैं। प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि प्रदेश में दवाओं के अवैध कारोबार एवं बिना वैध लाइसेंस औषधियों के भंडारण और विक्रय के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और अनधिकृत औषधि कारोबार करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। ड्रग आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला एवं राज्य औषधि नियंत्रक श्री अजय फाटक के निर्देशन में असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर श्री दिनेश कुमार तनेजा के पर्यवेक्षण में ड्रग कंट्रोल ऑफिसर श्री राम प्रसाद कुमावत एवं श्रीमती सपना पारीक द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान गोदाम से विभिन्न फर्मों के नाम से जारी बिक्री बिल, इनवॉइस, रसीद बुक एवं अन्य दस्तावेज बरामद हुए। दस्तावेजों की जांच में विभिन्न फर्मों के नाम एवं औषधि कारोबार से संबंधित अभिलेखों में कई विसंगतियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान परिसर में दवाओं का भंडारण एवं विक्रय पाया गया, जबकि मौके पर वैध औषधि विक्रय लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया जा सका। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पूर्व में यहां से आरोग्यधाम मेडि हेल्थ एंड वेलनेस सॉल्यूशन प्रा. लि., झोटवाड़ा, जयपुर के लिए गतिविधियां संचालित की जा रही थीं तथा सितंबर 2024 से Aryan Wellness Private Limited, गुरुग्राम के माध्यम से कार्य किया जा रहा था।
एनडीपीएस घटक युक्त दवा भी मिली
कार्रवाई के दौरान GARON-100 Tablet (Phenobarbitone) भी बरामद की गई, जिसमें NDPS घटक शामिल है। इसके संबंध में उपलब्ध बिल एवं दस्तावेजों की जांच में भी अनियमितताएं सामने आईं। प्रारंभिक जांच में बिना वैध लाइसेंस एवं योग्य व्यक्ति के हस्ताक्षर के औषधियों के विक्रय तथा परिसर में औषधियों के अनधिकृत भंडारण की स्थिति सामने आई है।
तीन प्रमुख दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे
औषधियों की गुणवत्ता एवं मानकों की जांच के लिए मौके से Gabanyl-300 (Gabapentin Capsules IP), Telmevas-H (Telmisartan & Hydrochlorothiazide Tablets IP) तथा Trueclam 625 (Amoxycillin and Potassium Clavulanate Tablets IP 625 mg) के नमूने लिए गए। सभी नमूनों को नियमानुसार सील कर औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। विभाग द्वारा जब्त औषधियों, दस्तावेजों एवं अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है। मामले में विधिक प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। औषधियों की गुणवत्ता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष परीक्षण प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही निकाला जाएगा। औषधि नियंत्रण विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध लाइसेंस दवाओं का भंडारण, विक्रय अथवा वितरण करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।