भारत-अमेरिका युद्धाभ्यास में गरजी M777, सटीक निशाने से ध्वस्त हुए लक्ष्य
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच जारी संयुक्त युद्धाभ्यास में राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पर तोपखाना क्षमता का प्रदर्शन किया गया। अभ्यास के दौरान भारतीय सेना की M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोपों ने डायरेक्ट फायरिंग पद्धति से सामने दिखाई दे रहे निर्धारित लक्ष्यों को निशाना बनाया।
भारतीय सेना के अनुसार, 16 सितंबर को हुई इस फायरिंग के दौरान M777 की तोप टुकड़ियों ने बेहद सटीक निशाना साधते हुए सभी निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। इस अभ्यास के जरिए सैनिकों की पेशेवर दक्षता, सटीकता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्रवाई के लिए तैयार रहने की क्षमता का प्रदर्शन हुआ।
सेना ने इस दौरान ‘हर पल सतर्क, हर समय तैयार’ का संदेश भी दोहराया। अभ्यास में वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियां तैयार कर दोनों देशों के सैनिकों को अपनी क्षमताओं को परखने और एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर दिया जा रहा है।
अमेरिकी सैनिकों ने देखी M777 की तैनाती
फायरिंग अभ्यास पूरा होने के बाद अमेरिकी सैन्य दल ने M777 की तैनाती वाले क्षेत्रों का दौरा किया। अमेरिकी सैनिकों ने भारतीय तोपखाना टुकड़ी के अधिकारियों और जवानों से बातचीत की। इस दौरान सैन्य अनुभवों और बेहतर युद्धक प्रक्रियाओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच जानकारी साझा की गई।
फायरिंग से पहले भी M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर की तैनाती और संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रदर्शन किया गया था। इसमें सैन्यकर्मियों की जिम्मेदारियां, तोप की तैनाती की प्रक्रिया और स्थानीय रक्षा व्यवस्था के साथ समन्वय जैसे विषयों को समझाया गया।
अभ्यास के दौरान जवाबी गोलाबारी की स्थिति में तोपों को वैकल्पिक स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही ‘शूट एंड स्कूट’ ड्रिल कराई गई। इसका उद्देश्य कार्रवाई पूरी करने के बाद तोप को तेजी से मौजूदा स्थान से हटाने की क्षमता का अभ्यास करना था।
औली से महाजन रेंज तक संयुक्त अभ्यास
भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास का यह 22वां संस्करण है। इसका आयोजन उत्तराखंड के औली के बर्फीले पहाड़ी इलाके से लेकर राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज तक अलग-अलग परिस्थितियों में किया जा रहा है।
अभ्यास में भारत और अमेरिका के करीब 600-600 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। इस बार सैन्य प्रशिक्षण के साथ आधुनिक तकनीक पर भी विशेष जोर है। निगरानी और टोह लेने के लिए ड्रोन तथा स्वायत्त प्रणालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक हथियार प्रणालियों के संचालन और उपयोग से जुड़े अभ्यास भी किए जा रहे हैं। इस दौरान दोनों सेनाओं के जवान न सिर्फ अपनी क्षमताओं को आजमा रहे हैं, बल्कि एक-दूसरे के अनुभव और सैन्य प्रक्रियाओं को समझकर संयुक्त अभियानों के लिए तालमेल मजबूत करने पर भी काम कर रहे हैं।