सिक्किम में भूस्खलन, ओडिशा में बाढ़ का खतरा
नई दिल्ली। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कई हिस्सों में लगातार बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिंबी गांव में गुरुवार रात भारी बारिश के बाद बड़ा भूस्खलन हुआ। मलबे की चपेट में कई मकान और सरकारी क्वार्टर आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने स्थिति को गंभीर बताते हुए प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
रिंबी में लगातार बारिश के कारण पहाड़ी का हिस्सा खिसककर आबादी की ओर आया। इससे कई घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हुए हैं। बिजली विभाग के सरकारी क्वार्टर भी इसकी चपेट में आए। प्रशासन प्रभावित इलाकों पर नजर रख रहा है और लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
ओडिशा में बारिश से हालात बिगड़े
दूसरी ओर, ओडिशा में बंगाल की खाड़ी से बने डीप डिप्रेशन के असर से भारी से बहुत भारी बारिश हुई है। यह सिस्टम आंध्र प्रदेश के तट से गुजरने के बाद ओडिशा में पहुंचा और अब कमजोर होकर डिप्रेशन की स्थिति में है। मौसम विभाग के अनुसार इसके कारण दक्षिण और पश्चिमी ओडिशा में बारिश का दौर जारी रहा।
बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई स्थानों पर भूस्खलन से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ। नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 10 हजार लोगों को 200 राहत केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है। राहत और बचाव कार्यों के लिए ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स की 33 टीमें तथा दमकल विभाग की 300 से अधिक टीमें तैनात हैं।
कई इलाकों में सड़क और रेल सेवा प्रभावित
दक्षिण ओडिशा के कई जिलों में तेज बारिश के साथ भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। मलकानगिरी, गजपति, रायगड़ा और कोरापुट सहित कई इलाकों में सड़कें प्रभावित हुईं। कुछ स्थानों पर रेलवे ट्रैक पर भी भूस्खलन के कारण परिचालन बाधित हुआ।
ओडिशा के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे प्रशासन बाढ़ की आशंका को लेकर सतर्क है। राज्य सरकार ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव व्यवस्था मजबूत की है।
‘अर्नब’ को लेकर क्या है स्थिति?
सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में इस मौसम प्रणाली को ‘अर्नब’ चक्रवात कहा जा रहा है, लेकिन IMD की आधिकारिक स्थिति अलग है। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम चक्रवाती तूफान के स्तर तक नहीं पहुंचा था। यह डीप डिप्रेशन के रूप में तट के पास पहुंचा और बाद में डिप्रेशन में कमजोर हो गया। ‘अर्नब’ नाम क्षेत्रीय नामकरण सूची में अगला नाम है, लेकिन इस सिस्टम को आधिकारिक रूप से उस नाम का चक्रवात घोषित नहीं किया गया।
सिक्किम में राहत और निगरानी जारी
सिक्किम में रिंबी क्षेत्र पहले से ही भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील रहा है। राज्य प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और राहत व्यवस्था पर जोर दिया है। अधिकारियों को कमजोर इलाकों की लगातार निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार बारिश के कारण सिक्किम और ओडिशा दोनों राज्यों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। एक तरफ पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा है, तो दूसरी ओर ओडिशा में भारी बारिश के कारण बाढ़ और जलभराव की स्थिति चुनौती बनी हुई है।