कोलकाता पंडाल भगदड़ : 19 मौतें, मुआवजे का ऐलान
कोलकाता. कोलकाता में दुर्गा पूजा के उत्सवी माहौल के बीच एक दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। चोरबागान सार्वजनीन पूजा पंडाल में मची भगदड़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। हादसे में कम से कम 25 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 24 की हालत खतरे से बाहर बताई गई है, जबकि एक घायल की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने देर रात घटनास्थल का दौरा किया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार घायलों के बेहतर इलाज और पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। राज्य सरकार प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देगी। इसके अलावा, परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। हादसे में घायल हुए लोगों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार घायलों के इलाज का पूरा खर्च भी उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वह कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर घटना की जांच के लिए एक तथ्य-खोज समिति गठित करने का अनुरोध करेंगे। इस समिति में विशेष कार्यबल (एसटीएफ) और फॉरेंसिक टीमों को शामिल किए जाने की बात कही गई है, ताकि हादसे से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सके।
पीएम मोदी ने भी किया आर्थिक सहायता का ऐलान
कोलकाता भगदड़ हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की है। वहीं, हादसे में घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से घटना की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। केंद्र की ओर से घोषित यह सहायता राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे से अलग है।
अमित शाह ने रद्द किए कार्यक्रम, घायलों से करेंगे मुलाकात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे के बाद अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। वह शनिवार को कोलकाता पहुंचे थे। तय कार्यक्रम के अनुसार, रविवार सुबह 11 बजे वह मेडिकल कॉलेज अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात करेंगे।
फिलहाल प्रशासन और राज्य सरकार का ध्यान घायलों के इलाज, प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाने और हादसे के कारणों का पता लगाने पर है। जांच के जरिए यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि पूजा पंडाल में भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन-से कारक जिम्मेदार थे।