LPG महंगाई पर खरगे का हमला, सरकार से पूछे तीखे सवाल
नई दिल्ली। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती रसोई गैस की कीमतें आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं और इसका सीधा असर गरीब तथा मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर पड़ रहा है।
रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में खरगे ने दावा किया कि पिछले कुछ महीनों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उनके अनुसार महंगाई पहले से ही लोगों की जेब पर बोझ बढ़ा रही है, ऐसे में गैस के बढ़ते दाम घरेलू खर्च को और कठिन बना रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें देश के लिए ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों को विविध बनाने की बात कही गई थी। खरगे ने सवाल उठाया कि यदि ईंधन आपूर्ति के पर्याप्त विकल्प उपलब्ध हैं, तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी के उपयोग और पहुंच को लेकर चुनौतियां क्यों बनी हुई हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में परिवारों ने बीते वित्त वर्ष में बहुत कम बार गैस सिलेंडर रिफिल कराया। उनके मुताबिक, यह संकेत देता है कि बढ़ती कीमतों के कारण कई जरूरतमंद परिवार नियमित रूप से एलपीजी का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
खरगे ने आरोप लगाया कि महंगाई पर नियंत्रण पाने में सरकार अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी है और इसका असर सीधे आम जनता पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से परिवारों की आर्थिक चुनौतियां बढ़ रही हैं।
भाजपा पर राजनीतिक हमला करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पहले विपक्ष में रहते हुए महंगाई के मुद्दे पर सरकारों को घेरने वाली पार्टी अब बढ़ती कीमतों पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने दावा किया कि बीते वर्षों में एलपीजी सिलेंडर के दामों में बड़ा इजाफा हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ा है।
खरगे ने केंद्र सरकार से मांग की कि एलपीजी उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सस्ती रसोई गैस उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में पात्र लोगों तक पहुंच सके।