जयपुर को 1000 करोड़ का ट्रैफिक फ्री तोहफा, बच्चों के लिए बनेगा 500 बेड का IPD टावर
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जयपुर में 1000 करोड़ से ट्रैफिक जाम फ्री बनाने का बड़ा कदम।
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जेके लोन अस्पताल में 500 बेड का नया IPD टावर बनेगा।
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स्कूल, खेल और साइंस पार्क में बच्चों और युवाओं के लिए नई सुविधाएँ।
जयपुर। राजस्थान के तीसरे बजट में राजधानी जयपुर को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार ने बड़ी घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने ट्रैफिक, ड्रेनेज, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में कई महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स का ऐलान किया।
ट्रैफिक और ड्रेनेज सुधार:
जयपुर शहर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम से छुटकारा दिलाने के लिए 1000 करोड़ रुपये से शहर के प्रमुख चौराहों, जंक्शनों और सड़कों को कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) के तहत री-डिजाइन किया जाएगा। साथ ही, मानसून के दौरान जलभराव को रोकने के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से नया ड्रेनेज सिस्टम विकसित होगा।
चिकित्सा क्षेत्र में बड़ा निवेश:
जयपुर के जेके लोन अस्पताल में 75 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का नया IPD टावर बनाना प्रस्तावित है, जो बच्चों के इलाज में सुविधा बढ़ाएगा। वहीं, RUHS अस्पताल में गंभीर बीमार बच्चों के लिए 200 बेड का NICU और पीडियाट्रिक ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित होगा। मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल में 'सेंटर फॉर एक्सीलेंस फॉर मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट' खोला जाएगा।
शिक्षा, खेल और पर्यटन:
जयपुर स्थित महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शास्त्री नगर में स्थित साइंस पार्क में बच्चों के लिए 'स्पेस गैलेरी' और 'चिल्ड्रन गैलेरी' बनाई जाएगी, जो छात्रों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।
राजस्थान सरकार की यह पहल राजधानी जयपुर को ट्रैफिक फ्री, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।