राजस्थान में ISI का फंडिंग नेटवर्क बेनकाब, एजेंट गिरफ्तार
जयपुर। राजस्थान पुलिस की सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े एक कथित फंडिंग नेटवर्क का खुलासा करते हुए उसके एक एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरफ्तार व्यक्ति जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक आईएसआई की ओर से धनराशि पहुंचाने का काम कर रहा था।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार के अनुसार, इस मामले की जांच जनवरी 2026 में दर्ज एक प्रकरण से शुरू हुई थी। उस दौरान Jaisalmer निवासी झबरा राम और Dibrugarh Air Force Station में एमटीएस के पद पर कार्यरत सुमित कुमार को भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां कथित रूप से आईएसआई हैंडलरों तक पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
जांच के दौरान यह सामने आया कि दोनों आरोपियों को जासूसी के बदले मिलने वाली रकम महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी रफीक चांद शेख के जरिए भेजी जाती थी। इसके बाद सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने रफीक से पूछताछ की, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं।
पुलिस के मुताबिक, रफीक पिछले करीब चार वर्षों से आईएसआई के एक कथित हैंडलर के संपर्क में था। वह सोशल मीडिया के माध्यम से इस नेटवर्क से जुड़ा और उसके निर्देश पर अपने नाम के साथ-साथ अन्य लोगों के नाम से भी बैंक खाते खुलवाए। इन खातों के जरिए जासूसी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों तक धन पहुंचाया जाता था।
जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने 30 जून 2026 को रफीक चांद शेख को गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और इस वित्तीय नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों, बैंक खातों तथा लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
राजस्थान पुलिस ने कहा है कि देश की सुरक्षा के खिलाफ काम करने वाले तत्वों पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।