एशियन गेम्स के लिए रवाना हुई भारतीय महिला हॉकी टीम
बेंगलुरु. बेंगलुरु से भारतीय महिला हॉकी टीम मंगलवार को जापान के आइची-नागोया के लिए रवाना हो गई। 20वें एशियन गेम्स में उतरने जा रही टीम की कमान सलीमा टेटे के हाथों में है, जबकि शोर्ड मारिन मुख्य कोच के तौर पर टीम का मार्गदर्शन करेंगे।
भारतीय टीम के लिए इस बार दांव काफी बड़ा है। 2026 एशियन गेम्स की महिला हॉकी प्रतियोगिता में शीर्ष पर रहने वाली टीम को एफआईएच के लॉस एंजिल्स 2028 क्वालीफिकेशन सिस्टम के तहत ओलंपिक कोटा मिल सकता है, बशर्ते वह पहले किसी अन्य माध्यम से क्वालीफाई न कर चुकी हो। ऐसे में भारत के लिए एशियन गेम्स सिर्फ पदक जीतने का मंच नहीं, बल्कि ओलंपिक टिकट हासिल करने का अहम मौका भी है।
टीम हाल के प्रदर्शन को देखते हुए आत्मविश्वास से भरी हुई है। भारत ने इस साल हैदराबाद में एफआईएच हॉकी विमेंस वर्ल्ड कप क्वालिफायर में रजत पदक हासिल किया था। सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराकर टीम ने वर्ल्ड कप में अपनी जगह पक्की की थी।
इसके बाद ऑकलैंड में एफआईएच हॉकी विमेंस नेशंस कप में भारतीय टीम ने शानदार लय बनाए रखी। पूल चरण में उसने अमेरिका, जापान और उरुग्वे को हराया। सेमीफाइनल में चिली को 6-0 से मात देने के बाद भारत ने फाइनल में मेजबान न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस सफलता के साथ टीम को अगले सीजन की एफआईएच हॉकी विमेंस प्रो लीग में प्रमोशन भी मिला।
वर्ल्ड कप में भी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। टीम ने टूर्नामेंट में पांचवां स्थान हासिल किया, जो 1974 में महिला विश्व कप के पहले संस्करण के बाद भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस दौरान भारत ने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ड्रॉ खेले, जबकि दक्षिण अफ्रीका को 6-1 और जर्मनी को 3-1 से हराया।
अब एशियन गेम्स में भारतीय टीम पूल बी में जापान, थाईलैंड, सिंगापुर, इंडोनेशिया और उज्बेकिस्तान के साथ है। भारत 20 सितंबर को उज्बेकिस्तान के खिलाफ अभियान शुरू करेगा। इसके बाद 21 सितंबर को इंडोनेशिया, 23 सितंबर को थाईलैंड, 25 सितंबर को जापान और 27 सितंबर को सिंगापुर से मुकाबला होगा। नॉकआउट चरण 30 सितंबर से शुरू होगा और फाइनल 2 अक्टूबर को खेला जाएगा।
सलीमा टेटे ने रवाना होने से पहले टीम के लक्ष्य को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नेशंस कप और वर्ल्ड कप के प्रदर्शन ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है और अब खिलाड़ी उस लय को एशियन गेम्स में भी जारी रखना चाहते हैं। कप्तान के मुताबिक, टीम की नजर साफ तौर पर स्वर्ण पदक और लॉस एंजिल्स ओलंपिक के सीधे क्वालीफिकेशन पर है।
शोर्ड मारिन के लिए भी यह कार्यकाल एक नए दौर की शुरुआत है। उन्हें जनवरी 2026 में भारतीय महिला टीम का आधिकारिक कोच नियुक्त किया गया था। अब एशियन गेम्स में उनके नेतृत्व में टीम अपने हालिया प्रदर्शन को खिताबी सफलता में बदलना चाहेगी।