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अगले साल भी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था

अगले साल भी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था

नई दिल्‍ली। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत साल 2026 में मजबूत स्थिति बनाए रखने की राह पर अग्रसर है, जहां मजबूत वृद्धि, कम महंगाई एवं सुदृढ़ बैंकिंग प्रदर्शन जैसे अनुकूल कारक मौजूद हैं। साल 2025 के दौरान देखी गई आर्थिक रफ्तार को कायम रखने के लिए सुधार पहलें भी तैयार हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार से जीवन एवं कारोबार सुगमता के विषयों को आगे बढ़ाते हुए आगामी केंद्रीय बजट में पूंजीगत व्यय तथा निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उपायों की घोषणा किए जाने की उम्मीद है, जिससे शुल्क एवं भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच भारत एक अधिक आकर्षक निवेश गंतव्य बन सके।

भारत सरकार ने जारी एक बयान में बताया कि भारत ने अब 4.18 ट्रिलियन डॉलर (करीब 350 लाख करोड़ रुपये) की सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) के साथ जापान को पछाड़ कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान हासिल कर लिया है। साल 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर (655 लाख करोड़ रुपये) के साथ अगले ढाई से तीन साल में जर्मनी को भी पीछे छोड़कर भारत दुनिया की तीसरी अर्थव्‍यस्‍था बन जाएगा।

आधार वर्ष 2011-12 पर आधारित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर लगातार तिमाहियों में बढ़ी है। वित्‍त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में यह 8.2 फीसदी पर पहुंच गई, जबकि खुदरा महंगाई दर साल 2025 की शुरुआत में 4.26 फीसदी थी, जो नवंबर तक आते-आते घट कर 0.71 फीसदी पर आ गई। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में आई गिरावट इसका मुख्य कारण रही।

सरकार राष्ट्रीय खातों के लिए आधार वर्ष को 2011-12 से बदल कर 2022-23 करने पर भी काम कर रही है, जिससे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की गणना पद्धति को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा उठाई गई चिंताओं का प्रभावी समाधान किया जा सके।

फरवरी में पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से सुधारों को और गहरा करने तथा अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए अतिरिक्त उपायों की घोषणा की व्यापक उम्मीदें हैं। केंद्र सरकार ने साल 2025 के अंत में जीएसटी दरों में कटौती की और नए श्रम संहिताओं को लागू किया।

ग्लोबल एजेंसियों ने भारत का ग्रोथ अनुमान बढ़ाया

दुनिया की तमाम बड़ी रेटिंग एजेंसियों ने भारत के जीडीपी वृद्धि अनुमान को बढ़ाया है। फिच का वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 7.4 फीसदी ग्रोथ का अनुमान है, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) का 7.2 फीसदी का अनुमान है। अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 6.6 फीसदी ग्रोथ का दावा किया है। वहीं, मूडीज ने भारत को जी-20 देशों में सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्‍यस्‍था बताया।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक गति दर्शाते हुए चालू वित्‍त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि के अनुमान को 6.8 फीसदी से बढ़ाकर 7.3 फीसदी कर दिया है। आरबीआई ने अपनी ब्याज दरों में भी 0.25 फीसदी की कटौती की है, जिससे अब यह घटकर 5.25 फीसदी पर आ गई है। इससे होम लोन और कार लोन सस्ते होने की उम्मीद है।

 

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