भारत-यूके साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार, व्यापार बढ़ाने पर जोर
New Dehli : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने के लिए लगातार नए अवसर तलाश रहे हैं। उनका कहना है कि दोनों देश ऐसा माहौल तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे नवाचार, निवेश और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सके।
शुक्रवार को यूके के बिजनेस एवं ट्रेड सेक्रेटरी पीटर काइल के साथ हुई बैठक के बाद गोयल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि दोनों देशों के बीच हुई बातचीत आपसी विश्वास, सहयोग और भविष्य की साझा सोच को दर्शाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत होगी।
गोयल ने बताया कि 15 जुलाई 2026 से भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (सीईटीए) और डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (डीसीसी) लागू होने जा रहे हैं। उनका मानना है कि इन समझौतों से व्यापार, निवेश, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को नई गति मिलेगी।
इससे पहले उन्होंने उद्योग जगत से जुड़े एक कार्यक्रम में भारत और यूके के कारोबारियों तथा निवेशकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सीईटीए दोनों देशों के लिए आर्थिक विकास और समृद्धि के नए अवसर लेकर आएगा। साथ ही उद्योग जगत से आग्रह किया कि इस समझौते का अधिकतम लाभ उठाकर व्यापार, निवेश और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करें।
गोयल ने यह भी कहा कि भारत और यूके के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश प्रौद्योगिकी, रक्षा, रणनीतिक क्षेत्रों, महत्वपूर्ण खनिजों और निवेश जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं, जिससे द्विपक्षीय रिश्तों को नई मजबूती मिल रही है।
उन्होंने हाल ही में लंदन में आयोजित इंडिया ग्लोबल फोरम के यूके-इंडिया वीक 2026 कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों की बढ़ती भागीदारी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक साबित होगी और यह समझौता भविष्य में एक महत्वपूर्ण आर्थिक उत्प्रेरक की भूमिका निभा सकता है।