सरकार ने अपनी इमेज बनाने के लिए फॉरेन पॉलिसी से कॉम्प्रोमाइज किया: सचिन पायलट
नई दिल्ली । कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने एआई समिट विरोध मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को मिली जमानत पर कहा कि विरोध करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है, इसे छीना नहीं जा सकता। नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान सचिन पायलट ने कहा कि मेरा मानना है कि उदय भानु चिब समेत हमारे यूथ कांग्रेस के साथियों से इस सरकार को इतनी बौखलाहट हो गई थी। उन पर कई धाराओं के लगाने की बात होने लगी। उदय भानु तो एआई समिट में मौजूद भी नहीं थे। उन्होंने सवाल किया-पांच छह लड़के टी-शर्ट लगाकर विरोध करते हैं तो इससे भारत की आंतरिक सुरक्षा को कैसे चुनौती मिल सकती है। सरकार द्वारा दमन और राजनीति की ताकत से आवाज दबाने की कोशिश की गई। देश में जब भी बड़े आयोजन होते हैं, हमेशा विरोध होता है। एआई समिट में भी यह एक विरोध था, लेकिन बदले की भावना से कार्रवाई की गई। जेल में बंद कर दिया। पांच छह युवा कांग्रेसी नेताओं के विरोध से सरकार घबरा जाती है। इस देश में विरोध करने वाले लोगों को ऐसे हालात का सामना करना पड़ा है। हम अपने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती के साथ खड़े हैं। एनएसयूआई नए बने नेशनल प्रेसिडेंट विनोद जाखड़ के चार्ज संभालने पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि हमारे राजस्थान एनएसयूआई प्रेसिडेंट को पार्टी ने एनएसयूआई का नेशनल प्रेसिडेंट बनाया है। आज उनका शपथ ग्रहण समारोह है और मैं प्रोग्राम में गया था। मैं उन्हें दिल से बधाई देना चाहता हूं। उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा और आज उन्हें नेशनल प्रेसिडेंट बनाया गया। पीएम मोदी के इजरायल दौरे को लेकर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि मेरा मानना है कि पीएम मोदी के इजराइल दौरे की टाइमिंग सही नहीं थी। हमने हमेशा टू-नेशन थ्योरी को सपोर्ट किया है और इस बार हम कुछ हद तक अपनी फॉरेन पॉलिसी से कॉम्प्रोमाइज कर रहे हैं। सचिन पायलट ने कहा कि फॉरेन पॉलिसी देश के फायदे को ध्यान में रखकर बनाई जाती है। यह पर्सनल इमेज बनाने का जरिया नहीं है। बदकिस्मती से पिछले ग्यारह साल में बनी फॉरेन पॉलिसी पर्सनैलिटी पर आधारित हो गई है और अगर फॉरेन पॉलिसी पर्सनल रिश्तों के आधार पर बनाई जाती है तो इससे देश को नुकसान होगा। हमने हमेशा कहा है कि भारत के फायदे सबसे पहले आते हैं। भारत के फायदे किसी भी पार्टी या किसी भी नेता से ऊपर हैं। सरकार को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। सरकार ने अपनी इमेज बनाने और पर्सनल रिश्ते सुधारने के लिए कई बार भारत की फॉरेन पॉलिसी से कॉम्प्रोमाइज किया है। मैं इसका कड़ा विरोध करता हूं।