मई में निर्यात ने भरी ऊंची उड़ान, 45 अरब डॉलर के पार पहुंचा आंकड़ा
New Dehli : भारत के निर्यात क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत शानदार प्रदर्शन के साथ की है। मई 2026 में देश का वस्तु निर्यात सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 45.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।
वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल और मई दोनों महीनों में निर्यात में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल-मई 2026 के दौरान कुल वस्तु निर्यात 88.91 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 16.09 प्रतिशत अधिक है।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि मई में दर्ज हुई निर्यात वृद्धि हाल के वर्षों की सबसे मजबूत वृद्धि दरों में शामिल है। उनका मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रहती है तो चालू वित्त वर्ष व्यापार के लिहाज से भारत के लिए काफी सकारात्मक साबित हो सकता है।
हालांकि निर्यात के साथ-साथ आयात में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली। मई 2026 में आयात 20.62 प्रतिशत बढ़कर 73.41 अरब डॉलर पहुंच गया। इसके परिणामस्वरूप व्यापार घाटा बढ़कर 28.21 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे आयात बिल बढ़ा और व्यापार घाटे पर असर पड़ा। इसके बावजूद भारत के कई प्रमुख निर्यात बाजारों में मांग मजबूत बनी रही।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार पश्चिम एशियाई देशों को होने वाले निर्यात में भी सुधार देखने को मिला है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जॉर्डन और यमन जैसे देशों को निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे क्षेत्र में व्यापार गतिविधियां फिर से गति पकड़ती दिखाई दे रही हैं।
सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में नए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के प्रभाव से भारतीय निर्यात को और मजबूती मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि पिछले एक दशक में भारत का निर्यात आधार लगातार विस्तारित हुआ है और सेवा क्षेत्र के निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।