जयपुर में एक दिन में बाइक-स्कूटी चोरी की एक दर्जन से ज्यादा शिकायतें
जयपुर। राजधानी में वाहन चोरी की घटनाओं ने एक बार फिर पुलिस के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। सोमवार को शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में घरों के बाहर, पार्किंग, कैफे और अन्य सार्वजनिक स्थानों से मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी होने की कई शिकायतें दर्ज हुईं। पुलिस ने मामलों की जांच शुरू कर दी है।
एक ही दिन में अलग-अलग इलाकों से वाहनों के गायब होने के बाद पुलिस अब घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटा रही है। जांच अधिकारियों का फोकस चोरी के तरीके और वारदात में शामिल संदिग्धों की पहचान करने पर है।
आगरा रोड से मानसरोवर तक वाहन गायब
आगरा रोड स्थित कृष्णा नगर से केशवदेव की मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत दर्ज हुई। सांख की छतरी से किशनपुरा निवासी मोहनलाल मीणा की बाइक गायब हुई। देवनगर, टोंक रोड से राहुल शर्मा की मोटरसाइकिल चोरी हुई, जबकि मधुवन कॉलोनी में घर के बाहर खड़ी आरव मीणा की बाइक भी चोर ले गए।
खानिया बंधा से बड़वा, बस्सी निवासी मनोज कुमार की मोटरसाइकिल चोरी हुई। निवारू रोड से महेंद्र शर्मा और सनराइज सिटी खोराबीसल से मयंक शर्मा की बाइक चोरी होने की शिकायत सामने आई।
क्वींस रोड स्थित एक कैफे से विष्णु सिंह सोलंकी की मोटरसाइकिल चोरी हो गई। वहीं खालसा कॉलोनी, हीदा की मोरी निवासी दीपेंद्र सिंह की बाइक भी चोरी होने का मामला दर्ज हुआ।
पार्किंग और कॉलोनी से भी वाहन चोरी
पालिका बाजार, स्वेज फार्म की पार्किंग में खड़ी नमन जैन की होंडा एक्टिवा भी चोरी हो गई। न्यू सांगानेर रोड स्थित पूजा रेजिडेंसी से सुरेंद्र गोयल की मोटरसाइकिल गायब हुई।
इसके अलावा किरणपथ, मानसरोवर निवासी नीरज कुमार की बाइक भी चोरी होने की शिकायत पुलिस को दी गई है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज इन मामलों में पुलिस चोरी हुए वाहनों और आरोपियों का सुराग जुटाने में लगी है।
सीसीटीवी फुटेज से तलाश
पुलिस के सामने एक दिन में एक दर्जन से ज्यादा बाइक-स्कूटी चोरी की शिकायतें आने के बाद जांच तेज की गई है। पुलिस घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों की गतिविधियों और वारदात के दौरान इस्तेमाल किए गए रास्तों का पता लगाया जा सके।
जांच के साथ पुलिस चोरी हुए वाहनों की बरामदगी के प्रयास भी कर रही है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों को देखते हुए पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदातों के पीछे एक ही गिरोह या अलग-अलग चोरों की भूमिका है।