डोटासरा का आरोप- चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर जनमत प्रभावित कर रही भाजपा
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर जनमत को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में डोटासरा ने कहा कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने पिछले 10 माह में आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति दर्ज कराई है। इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के लिए फार्म-6 में बदलाव, मतदाता सूची के आईटी सिस्टम के केंद्रीकरण तथा पश्चिम बंगाल में मतदाता नाम हटाए जाने के बाद अपील की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भी दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से विभिन्न फैसलों पर आपत्ति दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में फैसले सर्वसम्मति या बहुमत से होने चाहिए, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एकतरफा निर्णय लेने की व्यवस्था बना दी। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, गिरफ्तारी और एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शी समीक्षा की मांग की। राजस्थान के निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए डोटासरा ने भाजपा पर प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने वार्ड परिसीमन में मतदाताओं के असमान वितरण का दावा करते हुए जोधपुर, अजमेर, जयपुर, कोटा और भरतपुर के आंकड़े रखे। उन्होंने कांग्रेस पार्षदों की बाड़ाबंदी में पुलिस कार्रवाई तथा पार्षदों को धमकाने और प्रलोभन देने के भी आरोप लगाए। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस 28 सितंबर को जयपुर में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का घेराव करेगी। इसके बाद जिला स्तर पर भी प्रदर्शन किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि निर्वाचन आयोग ने इन रिपोर्टों और आरोपों के जवाब में कहा है कि एसआईआर समेत पिछले एक वर्ष में आयोग के सभी निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग के अनुसार दोनों आयुक्तों की ओर से उठाए गए सवाल और सुझाव निर्णय प्रक्रिया के मसौदा चरण से जुड़े प्रशासनिक विमर्श का हिस्सा थे। आयोग ने यह भी कहा कि फार्म-6 में बदलाव नहीं किया गया, बल्कि एसआईआर के तहत एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र जोड़ा गया था।