राजस्थान में अर्नब चक्रवात का असर, 28 जिलों में बारिश का अलर्ट; बढ़ी ठंडक
जयपुर। राजस्थान में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। अर्नब चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। आसमान में बादल छाने और ठंडी हवाएं चलने से दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 28 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है।
राजधानी जयपुर में गुरुवार दोपहर से रुक-रुककर बारिश हो रही है। टोंक रोड, गोपालपुरा, मालवीय नगर, जगतपुरा, अजमेरी गेट और कलेक्ट्रेट सहित कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। शहर के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की भी सूचना मिली है। बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं से लोगों को गर्मी से राहत मिली और मौसम में ठंडक महसूस होने लगी।
20 जिलों में 5 डिग्री तक गिरा तापमान
चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश के तापमान में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बादल और बारिश के कारण राज्य के 20 जिलों में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। कई शहरों में दिन का पारा 30 डिग्री से नीचे पहुंच गया।
जयपुर में अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस और अजमेर में 29.1 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं बाड़मेर 35.8 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा।
रात के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान में 10 डिग्री तक की कमी दर्ज की गई। सीकर में न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे सुबह और देर रात ठंड का असर बढ़ गया है।
इन जिलों में हुई बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान करौली, भरतपुर, धौलपुर, अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, नागौर और टोंक सहित कई जिलों में बारिश हुई।
अलवर में सुबह से रुक-रुककर बरसात का सिलसिला जारी रहा। उदयपुर में बादल छाए रहने से मौसम सुहावना हो गया। वहीं सीकर और अजमेर में भी तापमान गिरने से मौसम में ठंडक बढ़ गई।
जयपुर, जोधपुर और कोटा सहित कई इलाकों में अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को जयपुर, जोधपुर, कोटा, सीकर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है। विभाग ने अलग-अलग जिलों के लिए पीली और नारंगी चेतावनी जारी की है।
इस दौरान तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और कुछ स्थानों पर मौसम खराब रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
चक्रवात के असर से फिलहाल प्रदेश में ठंडक बढ़ गई है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।