बाल भिक्षावृत्ति पर सख्ती, प्रशासन ने शुरू किया विशेष अभियान
श्रीगंगानगर। जिले में बाल भिक्षावृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के भिक्षावृत्ति में शामिल होने या कराए जाने के मामले गंभीर हैं और संबंधित कानूनों के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आते हैं।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए वर्ष 2017 में जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न विभागों और गैर सरकारी संगठनों की संयुक्त टास्क फोर्स बनाकर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा।
अभियान के दौरान धार्मिक स्थल, बाजार, ट्रैफिक सिग्नल, पर्यटन स्थल और अन्य प्रमुख स्थानों पर विशेष सर्वे किया जाएगा। भिक्षावृत्ति में पाए जाने वाले बच्चों का तत्काल बचाव कर उनकी चिकित्सा जांच, काउंसलिंग, पुनर्वास, शिक्षा, छात्रावास और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण सहित विभिन्न सरकारी सहायता योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों को भिक्षावृत्ति में धकेलने या उनका शोषण करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान को सतत रूप से चलाकर अधिक से अधिक बच्चों को सुरक्षित वातावरण और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जाए।