मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को आमेर महल का किया भ्रमण
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को आमेर महल का भ्रमण किया। इस दौरान सचिव पर्यटन, कला एवं संस्कृति, पुरातत्व शुचि त्यागी भी उपस्थित रही। मुख्य सचिव ने सर्वप्रथम आमेर की आराध्य देवी शिला माता के दर्शन किये। इसके पश्चात् आमेर महल का अवलोकन किया। अवलोकन के दौरान गत वर्ष में आमेर भ्रमण करने वाले पर्यटकों की कुल संख्या लगभग 22 लाख 82 हजार जिसमें विदेशी पर्यटक लगभग 2 लाख 70 हजार एवं 6,270 प्रतिदिन औसतन पर्यटकों की संख्या को देखकर पर्यटकों को आने वाली समस्याओं की जानकारी ली गयी। पर्यटकों की संख्या को और बढ़ानें के लिए सकारात्मक प्रयास करते हुए पार्किंग को पूर्णतः विकसित एवं व्यवस्थित करने एवं आमेर महल तक आने वाले रास्तों एवं शौचालय आदि मूलभूत सुविधाओं और अधिक विकसित करने के निर्देश प्रदान किये। SASCI केन्द्रिय परिवर्तित योजना के तहत् चल रहे 25.5 करोड़ के कार्यों जैसे- परियों के पास स्थित खाली जमीन पर पार्किंग विकास, प्राचीन आमेर महल, खेड़ी गेट से पितलिया भवन वाली रोड़, भारमल की छतरियाँ एवं अन्य कार्य तथा बजट घोषणाओं के 4.02 करोड़ के तहत् चल रहे मानसिंह महल के कार्यो का निरीक्षण किया और चल रहे कार्यों पर संतुष्टि व्यक्त की। मानसिंह महल में चल रहे संरक्षण के कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया एवं संरक्षण कार्य के दौरान निकाले गये कंगूरों को सराहा। साथ ही मानसिंह महल स्थित छज्जे की टोड़ियों पर स्थित भित्ति चित्रों के संरक्षण हेतु जानकारी प्राप्त की एवं आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये। आमेर महल स्थित सिंहपोल, गणेशपोल, भोजनशाला आदि में स्थित भित्ति चित्रों के संरक्षण हेतु IGNCA एवं ADMA के मध्य हुए अनुबन्ध को सराहा। बजट घोषणाओं के तहत् बनाये जाने वाले डिजिटल संग्रहालय के स्थान चयन की जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक निर्देश दिये गयें मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को गाईडों के संबंध में और अधिक प्रशिक्षण देने के संबंध में निर्देशित किया ताकि गाईडों द्वारा जयपुर आने वाले पर्यटकों को सटीक एवं तथ्यपूर्ण जानकारी प्रदान की जा सकें। मुख्य सचिव को पर्यटक गाईड महेश शर्मा द्वारा महल का भ्रमण करवाया गया। शीशमहल के अवलोकन के दौरान उसके स्थापत्य को देखकर मुख्य सचिव अभिभूत हुये एवं इनके संरक्षण के बारे में अत्यधिक सावधानी बरतने एवं उनके मूल स्वरूप को बरकरार रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश प्रदान किये गये। भ्रमण के दौरान पंकज धरेन्द्र निदेशक, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, संयुक्त निदेशक पर्यटन राजेश शर्मा एवं राकेश छोलक अधीक्षक, आमेर महल एवं आमेर विकास एवं प्रबन्धन प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक (कार्य) एवं उनकी टीम उपस्थित रही।