जरूरतमंद युवाओं के लिये वरदान बनी ‘मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना‘
अन्य राज्यों के अधिकारी भी योजना को जानने के लिए कर रहे प्रदेश का दौरा
श्रीगंगानगर। माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शिता, युवाओं के प्रति उनकी सजगता और संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि जरूरतमंद युवाओं के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना‘ वरदान सरीखी साबित हो रही है। वर्तमान में इस योजना के तहत 30 हजार छात्र-छात्राओं को कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत के अनुसार, इस संख्या को जल्द ही बढ़ाकर 50 हजार किया जाएगा।
‘मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना‘ प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश भर में इतनी लोकप्रिय हो रही है कि गुजरात और पंजाब सहित कई अन्य राज्यों के अधिकारी विभागीय अधिकारियों से मिल चुके हैं और अपने राज्यों में भी इस योजना को लागू करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के अंतर्गत राज्य सरकार का लक्ष्य 30 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध करवाना है। इसके विपरीत अब तक विभाग को 67.5 हजार, यानी लक्ष्य से 225 प्रतिशत अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। उल्लेखनीय है कि 2005-06 में तत्कालीन वसुंधरा सरकार ने इस महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत की थी, जिसे पूर्ववर्ती सरकार ने 2021 में पुनः प्रारंभ किया। वर्तमान सरकार इसमें गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए निरंतर दिशा-निर्देश जारी कर इसे सशक्त बना रही है।
अब मशहूर संस्थान भी योजना में शामिल
मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत पहले छोटे और अल्प-प्रतिष्ठित संस्थान ही सूचीबद्ध थे, लेकिन माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की प्रभावी सोच के चलते अब इसमें प्रतिष्ठित संस्थानों को भी शामिल किया गया है। वर्तमान में 37 प्रतिष्ठित संस्थान इस योजना के अंतर्गत आते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 30 हजार छात्रों को पूर्ण रूप से लाभान्वित किया जाए।
गौरतलब है कि वर्ष 2023-24 में कुल 127.10 करोड़ रुपये के बजट में से 101.74 करोड़ रुपये व्यय कर छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया। वर्ष 2025-26 के लिए 209 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिसे निर्धारित समयावधि में व्यय कर प्रदेश के युवाओं को सशक्त किया जाएगा।
लक्ष्य से ढाई गुना अधिक आए आवेदन
मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ और उत्तरदायी बनाने तथा 30 हजार सीटों के लक्ष्य को पूर्ण रूप से प्राप्त करने के उद्देश्य से योजना के दिशा-निर्देशों में आवश्यक सुधार और संशोधन कर नवीनतम विस्तृत दिशा-निर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई है। विभाग द्वारा विज्ञप्ति जारी कर सत्र 2024-25 में सूचीबद्ध होने हेतु इच्छुक कोचिंग संस्थानों से ऑनलाइन प्रस्ताव आमंत्रित किए गए। इसके लिए 20 नवंबर 2024 से पोर्टल प्रारंभ कर, नियमानुसार पात्र एवं योग्य कोचिंग संस्थानों को सूचीबद्ध कर लिया गया। योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स और सरकारी नौकरियों की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थी ऑनलाइन पोर्टल पर सूचीबद्ध संस्थानों में निःशुल्क कोचिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आसान हो रही राह
मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा, आरपीएससी द्वारा आयोजित आरएएस/अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा, मेडिकल/इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाएं, सीएलएटी, सीए, सीएस और सीएमए जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जाती है। उन अभ्यर्थियों को, जो कोचिंग के लिए अपने घर से दूर अन्य शहरों में रह रहे हैं, आवास और भोजन आदि के लिए प्रतिवर्ष 40 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। योजना में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, विशेष पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और विशेष योग्यजन विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है या जिनके माता-पिता राज्य सेवा में कार्यरत हैं (वेतन मैट्रिक्स के लेवल 11 तक)।