भाजपा की देशव्यापी पदयात्रा 28 अक्टूबर को, 15 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 28 अक्टूबर को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत देशभर में पदयात्राएं आयोजित करने जा रही है। पार्टी की इस पहल में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अपने-अपने क्षेत्रों में शामिल होने की संभावना है। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करने के साथ जनता तक अपना संदेश पहुंचाने की तैयारी है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पदयात्रा चांदनी चौक इलाके में आयोजित होगी। कार्यक्रम दोपहर 2 बजे लाल किले से शुरू होकर चांदनी चौक स्थित टाउन हॉल तक जाएगा। भाजपा को इसमें 15 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद और अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी कार्यक्रम में पहुंचने की संभावना जताई गई है।
विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी
भाजपा का यह अभियान लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी देश के अलग-अलग राज्यों में पदयात्राओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से अपना पक्ष जनता के सामने रखना चाहती है। वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी से इन आयोजनों को व्यापक स्तर पर संचालित करने की तैयारी की गई है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभियान को लेकर कहा कि भाजपा प्रदेशभर में लोगों के बीच जाकर कांग्रेस के आरोपों और कथित फेक नैरेटिव का तथ्यों के साथ जवाब देगी। उनके मुताबिक, पदयात्राओं और जनसंवाद कार्यक्रमों के जरिए जनता को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और सुशासन के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत करने पर भी जोर दिया।
इंडिया ब्लॉक की रैली से पहले भाजपा का अभियान
भाजपा की देशव्यापी पदयात्रा ऐसे समय आयोजित हो रही है, जब विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को बड़ी रैली करने की तैयारी की है। विपक्ष की प्रस्तावित रैली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाए जाने की बात कही गई है।
इस तरह अक्टूबर के अंतिम दिनों और नवंबर की शुरुआत में दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। एक ओर भाजपा पदयात्राओं के जरिए अपने अभियान को आगे बढ़ाएगी, वहीं इंडिया ब्लॉक अपनी प्रस्तावित रैली के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाने की तैयारी में है।