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भाजपा सरकार मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के निर्माण में देरी कर रही: अशोक गहलोत

भाजपा सरकार मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के निर्माण में देरी कर रही: अशोक गहलोत

जयपुर । राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के धीमे निर्माण को लेकर भाजपा नेतृत्व वाली राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रशासन इस क्षेत्र की आकांक्षाओं की रक्षा करने में विफल रहा है। अपनी 'इंतजार शास्त्र' डिजिटल सीरीज के 16वें अध्याय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि 500 करोड़ रुपए का यह प्रोजेक्ट सरकारी उदासीनता का शिकार हो गया है। यह सिर्फ लापरवाही नहीं है, बल्कि मारवाड़ के प्रति एक सोची-समझी सौतेली व्यवहार है। उन्होंने आगे कहा कि 31 मार्च, 2027 की प्रोजेक्ट पूरा होने की डेडलाइन अब सिर्फ कागजों पर एक सजावट जैसी लगती है। सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रति दूरदर्शिता की कमी दिखाने के बाद, सरकार अब मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी की भी अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं है, बल्कि मारवाड़ के प्रति एक सोची-समझी सौतेली व्यवहार है। इस क्षेत्र के लोग विकास परियोजनाओं के पूरा होने का इंतजार करते-करते थक चुके हैं। गहलोत ने याद दिलाया कि इस यूनिवर्सिटी की घोषणा कांग्रेस सरकार के 2023-24 के बजट में की गई थी, जिसका मकसद पश्चिमी राजस्थान, खासकर जोधपुर में मेडिकल शिक्षा और रिसर्च को मजबूत करना था। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से पूरे क्षेत्र के कई संस्थानों को फायदा होने और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में सुधार होने की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि 2018 से 2023 तक कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान, सरकार ने स्वास्थ्य सेवा की क्षमता बढ़ाने के लिए 12 नए मेडिकल कॉलेज और 29 नर्सिंग कॉलेजों की घोषणा की थी। मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए लगभग 100 बीघा जमीन आवंटित की गई। साथ ही, 500 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान भी किया गया। गहलोत के अनुसार, सरकार बदलने के बाद इस प्रोजेक्ट को शुरुआत में कुछ रुकावटों का सामना करना पड़ा। हालांकि कांग्रेस के दबाव के बाद काम शुरू हुआ, लेकिन उन्होंने दावा किया कि काम की प्रगति अभी भी संतोषजनक नहीं है। काम की धीमी रफ़्तार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी अभी सिर्फ तीन कमरों से चल रही है। बता दें कि काम पूरा होने की आधिकारिक समय-सीमा 2027 है, लेकिन गहलोत ने समय पर काम पूरा होने पर संदेह जताया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर काम की रफ्तार नहीं बढ़ाई गई, तो प्रोजेक्ट में और देरी हो सकती है, जिससे मारवाड़ के लोगों की उम्मीदें अधूरी रह जाएंगी।

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