'सुरक्षित भारत' पर भाजपा का जोर, 12 साल की उपलब्धियां गिनाईं
New Dehli : मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों और उपलब्धियों को रेखांकित किया। नेताओं ने दावा किया कि पिछले एक दशक से अधिक समय में भारत ने सुरक्षा, रक्षा और रणनीतिक क्षमता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिली है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के प्रति स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है।
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदमों ने स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा दिया है। इससे सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के साथ-साथ जमीन, समुद्र, वायु, साइबर और अंतरिक्ष जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देश की तैयारी मजबूत हुई है। उनके अनुसार, बीते 12 वर्षों में भारत अधिक आत्मविश्वासी और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में उभरा है।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई निर्णायक कदम उठाए गए। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, अनुच्छेद 370 को हटाने, नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई और पूर्वोत्तर राज्यों में हुए विभिन्न शांति समझौतों का जिक्र किया। शाह के मुताबिक, इन पहलों ने भारत की सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की सुरक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि अब देश की नीति केवल सतर्कता तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनौतियों का जवाब देने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक कार्रवाई पर आधारित है। गडकरी ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सीमाओं की सुरक्षा को इस परिवर्तन की अहम कड़ी बताया।
वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश ने सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलावों का अनुभव किया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक रक्षा क्षमताओं, सीमाओं पर बेहतर बुनियादी ढांचे, तकनीकी सशक्तीकरण और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने वाली योजनाओं ने नागरिकों में विश्वास बढ़ाया है।
सैनी ने आगे कहा कि साइबर सुरक्षा, डिजिटल निगरानी प्रणाली और खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय ने संभावित खतरों से निपटने की क्षमता को मजबूत किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं और बेहतर कनेक्टिविटी ने सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति दी है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि एक सुरक्षित वातावरण ने निवेश, उद्योग और नवाचार के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार की हैं। उनके अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदम विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।