45 साल बाद भावुक हुए अनुपम खेर, बोले- मुंबई ने मुझे बनाया
मुंबई। अभिनेता अनुपम खेर ने मुंबई में अपने 45 वर्षों के सफर को याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में उन्होंने उस शहर का आभार व्यक्त किया, जिसने एक छोटे शहर से आए युवक को पहचान, अवसर और जीवन की सीख दी।
अनुपम खेर ने बताया कि 3 जून 1981 को वह शिमला से बड़े सपने और सीमित संसाधनों के साथ मुंबई पहुंचे थे। उस समय जेब में ज्यादा पैसे नहीं थे, लेकिन कुछ कर दिखाने का जुनून और उम्मीदें भरपूर थीं। आज, 45 साल बाद, उन्होंने अपने सफर को याद करते हुए मुंबई को धन्यवाद कहा।
अभिनेता ने अपने संदेश में कहा कि मुंबई ने उन्हें सिर्फ काम नहीं दिया, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान भी बनाया। इस शहर ने संघर्षों से जूझना सिखाया, असफलताओं से सीखने की ताकत दी और सफलता मिलने पर विनम्र बने रहने का पाठ भी पढ़ाया।
उन्होंने मुंबई की उस खास संस्कृति का भी जिक्र किया, जहां हर व्यक्ति को अपनी पहचान बनाने का मौका मिलता है। अनुपम के मुताबिक, यह शहर लोगों को अपनाने की अद्भुत क्षमता रखता है और हर किसी को अपनेपन का एहसास कराता है।
वीडियो में उन्होंने मुंबई की लोकल ट्रेनों और सड़कों पर रोज संघर्ष करने वाले आम लोगों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि इन्हीं अनुभवों ने उन्हें इंसानों को समझना, धैर्य रखना और लगातार आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी।
अनुपम खेर ने कहा कि चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी वह आज भी मुंबई से कुछ नया सीख रहे हैं। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री का भी आभार जताया, लेकिन इस मौके पर सबसे ज्यादा उस शहर को याद किया जिसने उन्हें सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस दिया।
अपने संदेश के अंत में अभिनेता ने मुंबई और मां मुंबा देवी को नमन करते हुए कहा कि यह शहर उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है और इसके प्रति उनका सम्मान और प्रेम हमेशा बना रहेगा।