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जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी में आयोजित हुआ वार्षिक इंडस्ट्री-अकादमिक सम्मेलन 2024 “संगम”

जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी में आयोजित हुआ वार्षिक इंडस्ट्री-अकादमिक सम्मेलन 2024 “संगम”

  • हर शब्द मंत्र, और हर व्यक्ति योग्य, काबिलियत तराशने वाले में जरूरी
  • विभिन्न इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने किया इंटरेक्ट, दिए इंडस्ट्री-अकादमिक के बेहतर संगम के टिप्स

जयपुर। हर शब्द मंत्र, हर पौधा औषधि और हर व्यक्ति योग्य होता है। यदि इनमें कोई कमी है तो उसके लिए जिम्मेदार उनकी लीडरशिप की है। ये बात कही इंडस्ट्र एंड कॉर्पोरेट एक्सपर्ट डॉ. वी.पी. सिंह ने। वे अजमेर रोड स्थित जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी में आयोजित वार्षिक इंडस्ट्री-अकादमिक सम्मेलन 2024 “सगम“ में बतौर वक्ता संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विभिन्न इंडस्ट्रीज से एक्सपर्ट्स ने शिरकत की एवं इंडस्ट्री-अकादमिक से जुडे विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे। आयोजन की शुरूआत यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. धीरज सांघी ने की। उन्होंने अतिथियों का स्वागत किया एवं कांफ्रेंस की महत्ता पर प्रकाश डाला। जेके समूह के ग्रुप सीएचआरओ प्रेम सिंह ने स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल नॉलेज पर फोकस करने को कहा। उन्होंने वक्ताओं का उनके बेहतरीन सेशन के लिए आभार जताया।

इन वक्ताओं ने किया संबोधित
मुख्य वक्ता के रूप में टीवीआरएलएस के संस्थापक डॉ. टी.वी. राव, ताज होटल से डॉ. गौरी कालरा, पूर्व चीफ लीडरशिप और डाइवर्सिटी ऑफिसर, टीसीएस डॉ. ऋतु आनंद, हेड ऑफ इंडिया बिजनेस, लाइवस्विच इंडिया अविनाश राव, सीईओ, उरीक फार्मा राजेश शर्मा, काठमांडू फिनटेक संस्थापक संजीब सुब्बा, शेफील्ड हॉवर्थ के कार्यकारी निदेषक सेथुमाधवन श्रीनिवासन समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।

पुस्तक का हुआ विमोचन
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अनिल खंडेलवाल द्वारा लिखित पुस्तक “जिम ऑफ लीडरशिपः इनसाइट्स फॉर बिल्डिंग योर लीडरशिप मसल्स” का विमोचन भी किया गया। बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व चेयरमैन और प्रबंध निदेशक डॉ. खंडेलवाल ने कहा, “नेतृत्व अब एक स्थिर गुण नहीं है; यह एक मांसपेशी है जिसे निरंतर सीखने और अभ्यास के माध्यम से विकसित करना आवश्यक है।”

इन मुद्दों पर हुई चर्चा
वार्षिक इंडस्ट्री-अकादमिक सम्मेलन “संगम“ के पहले संस्करण “भविष्य की प्रतिभाः कल का नेतृत्व।” विषय पर वक्ताओं ने चर्चा की। इसमें बैंकिंग, प्रौद्योगिकी, ऑटोमोटिव, हॉस्पिटैलिटी, फार्मास्युटिकल और मानव संसाधन जैसे क्षेत्रों को साथ लाकर शिक्षा और उद्योग के समन्वय को बेहतर तरीके से सुगठित करने पर चर्चा हुई। एक्सपर्ट फोरम ने तेजी से बदलते वैश्विक जटिलताओं को नेविगेट करने के लिए आवश्यक कौशल और दक्षताओं पर अपने विचार रखे।

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