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एलिसा हीली ने उठाए महिला क्रिकेट के शेड्यूल पर सवाल, बोलीं- टीम को नहीं मिल रहा सम्मान

एलिसा हीली ने उठाए महिला क्रिकेट के शेड्यूल पर सवाल, बोलीं- टीम को नहीं मिल रहा सम्मान

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम दुनिया की सबसे सफल टीमों में गिनी जाती है, लेकिन घरेलू क्रिकेट कैलेंडर में उसे अपेक्षित तवज्जो नहीं मिलने का मुद्दा गरमा गया है। पूर्व कप्तान एलिसा हीली और पूर्व क्रिकेटर मेल जोन्स ने मैचों के आयोजन और प्रसारण के समय को लेकर सवाल उठाए हैं। दोनों का मानना है कि महिला टीम के प्रदर्शन को ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने के लिए शेड्यूलिंग में बदलाव जरूरी है।

विवाद तब सामने आया, जब पिछले गुरुवार को सिडनी के नॉर्थ सिडनी ओवल में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की महिला टीमों के बीच तीसरा वनडे खेला जाना था। इसी दिन शाम 7 बजे ऑस्ट्रेलिया की पुरुष टीम का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मुकाबला भी शुरू होना था। दोनों मैचों के समय में टकराव के कारण महिला क्रिकेट को मिलने वाली चर्चा और दर्शकों का ध्यान बंटने की आशंका पैदा हुई। हालांकि, सिडनी में बारिश के चलते महिला वनडे केवल 16 गेंदों के खेल के बाद रद्द करना पड़ा।

एलिसा हीली ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक ओर पुरुष टीम का टेस्ट मैच शुरू हो रहा था, वहीं दूसरी ओर महिला टीम का मुकाबला भी उसी समय निर्धारित था। उनके मुताबिक, महिला खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपने ही देश में वह सुर्खियां और पहचान नहीं मिल पा रही, जिसकी वे हकदार हैं।

मेल जोन्स ने भी जताई चिंता

पूर्व क्रिकेटर मेल जोन्स ने हीली की बात का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के पास दुनिया की बेहतरीन खेल टीमों में से एक है, लेकिन उसके प्रदर्शन और खिलाड़ियों की कहानियों को पर्याप्त मंच नहीं मिल रहा। जोन्स ने यह भी कहा कि गर्मियों के मौसम में दर्शकों के लिए मैदान तक पहुंचना और टीम का समर्थन करना आसान नहीं होता। ऐसे में मैचों का सही समय और आयोजन स्थल चुनना महत्वपूर्ण है।

हीली ने घरेलू मैचों के सीमित आयोजन पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अक्टूबर में बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे और टी20 सीरीज ब्रिस्बेन और सिडनी तक सीमित रहेंगी। इससे देश के दूसरे हिस्सों के प्रशंसकों को राष्ट्रीय महिला टीम को मैदान पर खेलते देखने का मौका नहीं मिलेगा। उन्होंने इसे निराशाजनक बताते हुए कहा कि विश्व कप जीतकर लौटी टीम को देशभर में दर्शकों से जुड़ने का अवसर मिलना चाहिए।

व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर भी बड़ी चुनौती

महिला क्रिकेट के शेड्यूल पर दबाव बढ़ने की एक वजह विभिन्न टूर्नामेंटों और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का व्यस्त कैलेंडर भी है। विमेंस प्रीमियर लीग (WPL), विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) और आईसीसी महिला टूर्नामेंटों की तारीखों के बीच तालमेल बैठाना आयोजकों के लिए चुनौती बन रहा है।

मेल जोन्स का कहना है कि कार्यक्रम तैयार करने में मुश्किलें जरूर हैं, लेकिन इसका असर राष्ट्रीय टीम के मुकाबलों पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने पुरुष और महिला टीमों को समान महत्व देने तथा ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए पहले से बेहतर योजना बनाने पर जोर दिया। पुरुष टीम के टेस्ट कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में हुई देरी की भी आलोचना हुई थी।

इस बीच, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख टॉड ग्रीनबर्ग ने भविष्य में शेड्यूलिंग व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया है। संभावित विकल्पों में पुरुषों के टेस्ट मैच के बाद महिला टी20 मुकाबले आयोजित करना और विमेंस बिग बैश लीग को पुरुषों के टूर्नामेंट के साथ जोड़ने जैसे सुझाव शामिल हैं।

अब देखना होगा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इन सुझावों को अमल में लाकर महिला टीम को ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने और उसके प्रदर्शन को उचित पहचान दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।

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