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जोरदार हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही रोकनी पड़ी

जोरदार हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही रोकनी पड़ी

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

लोकसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की गयी थी। दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष के मुद्दे पर विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे। पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देने के लिए संबंधित मंत्रियों को आमंत्रित किया। इस दौरान संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री सुरेश गोपी, खेल राज्यमंत्री रक्षा खडसे और सड़क परिवहन से जुड़े प्रश्नों पर मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखे।

इस दौरान पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा। विपक्ष ने ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के असदुद्दीन ओवैसी ने भी सदन में पश्चिम एशिया के संघर्ष पर भारत के रुख को लेकर जानकारी मांगी। इस पर पीठासीन अधिकारी ने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर इस विषय पर सदन को जानकारी देने वाले हैं, सदस्यों को उनकी बात सुननी चाहिए। इसके बावजूद कांग्रेस समेत कई विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखी।

हंगामे के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया की स्थिति, भारत की ऊर्जा जरूरतों और वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार के प्रयासों की जानकारी सदन को दी। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने हंगामा कर रहे सांसदों से बार-बार शांति बनाए रखने और सरकार की बात सुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री ने सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट कर दी है और भारतीयों की सुरक्षा तथा ऊर्जा आपूर्ति को लेकर आवश्यक कदमों की जानकारी भी दी है।

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष को स्वयं स्पष्ट नहीं है कि वह क्या चाहता है। पहले लोकसभा अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव का सूचना पत्र दिया गया और वह लंबित है, इसके बाद कार्यवाही स्थगन का सूचना पत्र भी दिया गया।

पीठासीन अधिकारी ने भी विपक्षी सदस्यों से कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सदन तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है। संसद में मतभेद हो सकते हैं, किन्तु सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। लगातार हंगामे और नारेबाजी के चलते अंततः पीठासीन अधिकारी ने लोकसभा की कार्यवाही अपराह्न 03 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

 

 

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